चिकित्सा को आलोचनात्मक सिद्धांत की नहीं, आलोचनात्मक सोच की आवश्यकता है
सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थानों की विश्वसनीयता खत्म हो चुकी है। इसे केवल पिछले कार्यों के लिए जवाबदेही पर जोर देने, सार्वजनिक नीति पर बड़ी फार्मा कंपनियों के प्रभाव को खत्म करने और संगठित चिकित्सा और चिकित्सा शिक्षा में सुधार के माध्यम से ही वापस पाया जा सकता है।
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